राजस्थान इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन बेहाल है। दोपहर के समय सूरज की तीखी तपिश के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ी राहत की खबर दी है। राज्य में जल्द ही दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की एंट्री होने वाली है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को इस तपती गर्मी से निजात मिलेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों के भीतर दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के रास्ते मॉनसून राज्य में दस्तक दे सकता है। इसके लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
- 2 से 5 जुलाई के बीच बदलाव: पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। 3 से 5 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों के कई जिलों में अच्छी खासी बारिश देखने को मिल सकती है।
- भारी बारिश का अलर्ट: कोटा और उदयपुर संभागों के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान इन क्षेत्रों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (आंधी) चलने के साथ ही मूसलाधार बारिश हो सकती है।
- अन्य संभागों का हाल: जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं।
मॉनसून की स्थिति: फिलहाल मॉनसून की उत्तरी सीमा गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार से होकर गुजर रही है। उम्मीद है कि अगले 2-3 दिनों में यह देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ राजस्थान में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।
पिछले दिनों दर्ज किया गया तापमान
हाल ही में राज्य के कई जिलों में गर्मी ने कड़े तेवर दिखाए हैं। प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान कुछ इस प्रकार रहा:
| शहर | अधिकतम तापमान |
| श्री गंगानगर | 45.1°C (सबसे गर्म) |
| फलोदी | 43.6°C |
| बीकानेर और चूरू | 42.8°C |
| जयपुर | 40.4°C |
नोट: वहीं अलवर में न्यूनतम तापमान 24.5°C दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारिश से न केवल आम जनता को गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि यह खरीफ की फसलों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होगी। जब तक मॉनसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो जाता, तब तक लोगों को दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने (ज्यादा से ज्यादा पानी पीने) की सलाह दी गई है।
