Instagram पर आपत्तिजनक विज्ञापनों को लेकर सरकार सख्त, IT मंत्रालय Meta को भेजेगा नोटिस

0
10

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और विज्ञापनों की समीक्षा प्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक और गैरकानूनी सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों पर कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इसकी पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को तलब करने और जवाब मांगने के निर्देश जारी किए हैं।

क्या है पूरा मामला? ( The Issue )

यह मामला हाल ही में आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के बाद तूल पकड़ा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इंस्टाग्राम के विज्ञापन नेटवर्क (Ads Network) पर कुछ ऐसे प्रायोजित (Paid) विज्ञापन दिखाई दिए, जो बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को बढ़ावा देने वाले अकाउंट्स और वेबसाइट्स का प्रचार कर रहे थे।

इन विज्ञापनों के लिंक के जरिए यूजर्स को टेलीग्राम के कुछ संदिग्ध चैनलों तक रीडायरेक्ट किया जा रहा था, जहाँ कथित तौर पर गैरकानूनी डिजिटल सामग्री बेची जा रही थी। चूंकि इंस्टाग्राम पर कोई भी विज्ञापन उसकी आंतरिक समीक्षा प्रणाली (Review System) से मंजूरी मिलने के बाद ही लाइव होता है, इसलिए इस तकनीकी चूक को लेकर सरकार बेहद चिंतित है।

सरकार पूछेगी ये कड़े सवाल

सूत्रों के मुताबिक, आईटी मंत्रालय इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मेटा से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगने जा रहा है:

  • प्लेटफॉर्म पर इस तरह के संवेदनशील और गैरकानूनी विज्ञापनों को मंजूरी कैसे और क्यों मिली?
  • कंपनी की ऑटोमेटेड और मैन्युअल विज्ञापन समीक्षा प्रणाली में क्या खामियां रहीं?
  • भविष्य में इस तरह के गंभीर मामलों को रोकने के लिए मेटा क्या ठोस कदम उठाने जा रही है?

भारत का सख्त कानून क्या कहता है ?

भारत में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी सामग्री का निर्माण, प्रसार, प्रचार या संग्रह करना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है:

  • IT एक्ट की धारा 67 और 67B: इसके तहत ऐसे डिजिटल अपराधों में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
  • IT नियम 2021: इसके अनुसार सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Intermediaries) की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे ऐसी किसी भी गैरकानूनी सामग्री को शिकायत मिलते ही तुरंत हटाएं।
  • पॉक्सो (POCSO) कानून: बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए इस कड़े कानून के तहत भी दोषियों पर सीधी कार्रवाई की जा सकती है।

संवेदनशीलता और डेटा

ऑनलाइन दुनिया में बच्चों की सुरक्षा भारत के लिए हमेशा से एक प्राथमिकता रही है। आंकड़ों के अनुसार, साइबर सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के मामले में भारत वैश्विक स्तर पर बेहद संवेदनशील स्थिति में है। यही वजह है कि केंद्र सरकार हाल के दिनों में ऑनलाइन कंटेंट, ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया ऐप्स पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर लगातार कड़े कदम उठा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here