India Pakistan Relations Update: सेशेल्स (Seychelles) के सर्वोच्च राष्ट्रपति सम्मान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नवाजे जाने पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने विवादित टिप्पणी की थी। इस पर भारत सरकार ने बेहद कड़ा और तीखा रुख अपनाते हुए इस्लामाबाद को आईना दिखाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक सूत्रों ने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के बयान को पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना और बचकाना करार देते हुए खारिज कर दिया है।
‘ख्वाजा आसिफ के पास कोई काम नहीं है’
सरकारी सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने ख्वाजा आसिफ पर तीखा व्यक्तिगत हमला किया है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री मानसिक रूप से अस्थिर हैं और यह बात पूरी दुनिया जानती है। उनके पास अपनी जिम्मेदारी संभालने के लिए कोई ठोस काम नहीं है, इसलिए वे उन अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक मामलों पर अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं, जिनकी उन्हें रत्ती भर भी समझ नहीं है।
आज के पाकिस्तान की हालत का जीता-जागता उदाहरण
भारत की ओर से कहा गया कि जिस देश का रक्षा मंत्रालय ख्वाजा आसिफ जैसे गैर-गंभीर व्यक्ति के हाथों में सुरक्षित हो, उससे उस देश की मौजूदा बदहाली और राजनीतिक खोखलेपन का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है। पाकिस्तानी नेता का यह बयान उनकी कूटनीतिक ईर्ष्या और नफरत से भरी सोच को दर्शाता है।
विवाद की वजह: दरअसल, पीएम मोदी को सेशेल्स सरकार द्वारा हाल ही में स्थापित किए गए नए सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया था। इस वैश्विक उपलब्धि को पचा न पाने के कारण ख्वाजा आसिफ ने इसका मजाक उड़ाते हुए इसे ‘इंजीनियर्ड’ (सोचा-समझा ड्रामा) बताया था।
भारत की नसीहत: दूसरों के मामलों में दखल देने के बजाय अपने देश को संभालें
भारतीय सूत्रों ने दो टूक शब्दों में कहा कि ईर्ष्या और नफरत कभी भी अच्छी कूटनीति का हिस्सा नहीं हो सकतीं। पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों या भारत को मिलने वाले वैश्विक सम्मानों पर ईर्ष्या करने के बजाय अपने देश के अंदर चल रहे गंभीर संकटों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
