जब अंपायर ने बीच मैदान पर काट दिए सुनील गावस्कर के बाल! जानें 52 साल पुराना वह दिलचस्प वाकया

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मुख्य बिंदु:

  • साल 1974 के इंग्लैंड दौरे पर हवा के कारण सुनील गावस्कर के लंबे बाल बल्लेबाजी में बाधा बन रहे थे।
  • मैच के दौरान अंपायर डिकी बर्ड ने अपनी छोटी कैंची से लाइव मैच के बीच में गावस्कर के बाल ट्रिम किए।
  • गावस्कर ने अपने डेब्यू सीरीज (1971) में 774 रन बनाए थे, जो आज भी एक अटूट विश्व रिकॉर्ड है।

भूमिका

क्रिकेट के मैदान पर आपने खिलाड़ियों को रिकॉर्ड तोड़ते, आपस में भिड़ते या अंपायर से बहस करते तो कई बार देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी अंपायर ने लाइव मैच के दौरान ही बीच पिच पर बल्लेबाज के बाल काटने शुरू कर दिए हों? भारतीय क्रिकेट के महानतम ओपनर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) के साथ साल 1974 में एक ऐसा ही वाकया हुआ था, जो क्रिकेट इतिहास के सबसे अनोखे और गुदगुदाने वाले पलों में शुमार है।

जब तेज हवा और लंबे बाल बने मुसीबत

यह मजेदार घटना साल 1974 में भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान की है। उस दौर में सुनील गावस्कर थोड़े लंबे बाल रखा करते थे। मैच के दौरान मैदान पर बेहद तेज हवा चल रही थी, जिसके कारण गावस्कर के आगे के बाल बार-बार उड़कर उनकी आंखों के सामने आ रहे थे। तेज गेंदबाजों का सामना करते वक्त गेंद को ठीक से न देख पाना किसी बड़े खतरे से कम नहीं था। गावस्कर समझ गए थे कि अगर इसका तुरंत कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो वे अपना विकेट गंवा बैठेंगे।

अंपायर डिकी बर्ड बने ‘हेयर ड्रेसर’

इस समस्या से निजात पाने के लिए गावस्कर ने क्रीज पर मौजूद इंग्लैंड के दिग्गज अंपायर डिकी बर्ड (Dickie Bird) से मदद मांगी। इत्तेफाक से अंपायर डिकी बर्ड अपनी जेब में एक छोटी सी कैंची रखते थे, जिसका इस्तेमाल वे गेंद की सीम या निकले हुए धागे को काटने के लिए करते थे।

गावस्कर की परेशानी समझते ही डिकी बर्ड ने जेब से कैंची निकाली और बीच मैदान पर ही लिटिल मास्टर के सामने के बालों को ट्रिम (छोटा) करना शुरू कर दिया। इस अद्भुत और दुर्लभ नजारे को देखकर मैदान पर मौजूद फील्डर्स और स्टेडियम में बैठे दर्शक अपनी हंसी नहीं रोक पाए। बाल कटने के बाद गावस्कर ने बिना किसी परेशानी के अपनी बल्लेबाजी दोबारा शुरू की।

डेब्यू सीरीज में ही रच दिया था इतिहास

सुनील गावस्कर सिर्फ अपने इन दिलचस्प किस्सों के लिए ही नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में अपनी बेमिसाल तकनीकी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।

  • ऐतिहासिक शुरुआत: उन्होंने साल 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। अपने पहले ही मैच की दोनों पारियों में उन्होंने क्रमशः 65 और 67 रन बनाए।
  • विश्व रिकॉर्ड: उस पूरी डेब्यू सीरीज में गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खूंखार गेंदबाजों के सामने 154.80 की अविश्वसनीय औसत से 774 रन कूट डाले थे, जिसमें 4 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे।
  • आज भी अटूट: अपने पदार्पण (Debut) टेस्ट सीरीज में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया यह आज तक का सबसे बड़ा स्कोर है, जिसे पिछले 55 सालों में कोई नहीं तोड़ पाया है।

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