अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, डोनाल्ड ट्रंप के थे बेहद करीबी; रूस-यूक्रेन युद्ध पर दिया था बड़ा बयान

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मुख्य बातें ( Highlights ) :

  • साउथ कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन।
  • शनिवार, 11 जुलाई की शाम अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।
  • पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद खास और रिपब्लिकन पार्टी के बड़े नीति-निर्माता माने जाते थे।
  • हाल ही में उन्होंने रूसी तेल खरीदने वाले देशों (जिसमें भारत भी शामिल था) पर कड़े प्रतिबंध लगाने की वकालत की थी।

अचानक तबीयत बिगड़ने से हुआ निधन

अमेरिका की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। साउथ कैरोलिना से लंबे समय तक रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रहे वरिष्ठ सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। उनके आधिकारिक कार्यालय (Office) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 71 वर्षीय ग्राहम शनिवार (11 जुलाई) की शाम को अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, जिसके बाद उनका निधन हो गया। सीनेटर के कार्यालय और उनके परिवार ने इस दुखद घड़ी में लोगों की प्रार्थनाओं के लिए आभार व्यक्त किया है, साथ ही निजता (प्राइवेसी) बनाए रखने की अपील की है।

डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और विदेश नीति के दिग्गज

लिंडसे ग्राहम को अमेरिकी राजनीति, विशेषकर रिपब्लिकन पार्टी में एक बेहद प्रभावशाली और कद्दावर नेता माना जाता था। वे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी सहयोगियों में से एक थे। विदेश नीति (Foreign Policy), राष्ट्रीय सुरक्षा और न्यायिक मामलों पर उनकी पकड़ और फैसलों को पूरी पार्टी में बेहद गंभीरता से लिया जाता था।

वे साल 2003 से लगातार अमेरिकी सीनेट में साउथ कैरोलिना का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। सीनेटर बनने से पहले वे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में भी 4 बार चुने जा चुके थे। उन्होंने अपने करियर में सीनेट न्यायिक समिति के अध्यक्ष और सीनेट बजट समिति जैसे कई अत्यंत महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।

निधन से एक दिन पहले यूक्रेन दौरा और जेलेंस्की से मुलाकात

दिलचस्प बात यह है कि लिंडसे ग्राहम अपने आखिरी समय तक अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में पूरी तरह सक्रिय थे। अपने निधन से ठीक एक दिन पहले (10 जुलाई को) वे यूक्रेन की राजधानी कीव के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। इस बैठक में उन्होंने यूक्रेन की हवाई सुरक्षा (Air Defense) को मजबूत करने और रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने को लेकर विस्तार से चर्चा की थी।

रूसी तेल खरीद और भारत को लेकर सख्त रुख

लिंडसे ग्राहम हाल के दिनों में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने को लेकर चर्चा में थे। उन्होंने खुलासा किया था कि डोनाल्ड ट्रंप की टीम रूस पर एक नया द्विदलीय विधेयक (Bipartisan Bill) लाने के लिए तैयार हो गई है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस से ऊर्जा (तेल-गैस) खरीदने वाले देशों (जैसे भारत और चीन) पर प्रतिबंधों के जरिए दबाव बनाना था, ताकि रूस को युद्ध के लिए मिलने वाली फंडिंग रोकी जा सके। उन्होंने चीन को लेकर भी कहा था कि वह रूस को शांति वार्ता की मेज पर लाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

प्रारंभिक जीवन और सैन्य बैकग्राउंड

9 जुलाई 1955 को साउथ कैरोलिना के सेंट्रल शहर में जन्मे लिंडसे ग्राहम ने अपनी उच्च शिक्षा यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना से पूरी की थी। राजनीति में कदम रखने से पहले उन्होंने अमेरिकी वायुसेना (US Air Force) और एयर फोर्स रिजर्व में एक सैन्य वकील के रूप में अपनी सेवाएँ दी थीं। साल 1995 में वे पहली बार अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के सदस्य चुने गए थे, जिसके बाद उनका राजनीतिक सफर लगातार ऊंचाइयों को छूता गया।

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