Side Effects of Checking Phone in Morning: आज के आधुनिक दौर में सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले स्मार्टफोन उठाना अधिकांश लोगों की दिनचर्या बन चुका है। नींद टूटते ही लोग सबसे पहले सोशल मीडिया, मैसेज या खबरें स्क्रॉल करने लगते हैं।
विभिन्न शोध और रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 70 से 80 फीसदी लोग जागने के महज 10 से 15 मिनट के भीतर ही अपना मोबाइल चेक कर लेते हैं। देखने में यह आदत भले ही सामान्य लगे, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह धीरे-धीरे हमारे मस्तिष्क और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।
सोकर उठते ही मोबाइल देखने से दिमाग पर क्या असर होता है?
जब हम नींद से जागते हैं, तो हमारा मस्तिष्क पूरी तरह एक्टिव नहीं होता। वह सोने और जागने के बीच की एक बेहद शांत अवस्था में होता है, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘स्लीप इनर्शिया’ कहा जाता है। इस दौरान दिमाग को धीरे-धीरे और प्राकृतिक तरीके से सक्रिय होने की आवश्यकता होती है।
लेकिन जब हम उठते ही अचानक फोन की स्क्रीन पर जानकारियों, ईमेल और सोशल मीडिया पोस्ट्स का बोझ डाल देते हैं, तो मस्तिष्क पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। रोजाना ऐसा करने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन्स रिलीज होने लगते हैं और व्यक्ति अनजाने में ही क्रोनिक स्ट्रेस (लगातार रहने वाले तनाव) का शिकार हो जाता है।
स्लीप साइकिल और मूड पर पड़ता है बुरा असर
सुबह-सुबह मोबाइल की तेज रोशनी (ब्लू लाइट) के संपर्क में आने से हमारे शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी (बॉडी क्लॉक) प्रभावित होती है। इसका सीधा असर रात की नींद पर पड़ता है और अनिद्रा (Insomnia) जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। पर्याप्त नींद न मिलने के कारण दिनभर थकान, कमजोरी और याददाश्त में कमी महसूस होने लगती है। इसके अलावा, सुबह की शुरुआत नकारात्मक या तनावपूर्ण खबरों से करने पर पूरा दिन चिड़चिड़ेपन और बेचैनी में बीतता है।
इस लत से छुटकारा पाने के आसान और प्रभावी तरीके
हेल्थ एक्सपर्ट्स इस नुकसानदेह आदत को बदलने के लिए कुछ बेहद सरल और व्यावहारिक उपाय सुझाते हैं:
- फोन को बेड से दूर रखें: सोते समय अपने स्मार्टफोन को बिस्तर से दूर या दूसरे कमरे में चार्जिंग पर लगाएं, ताकि सुबह आंख खुलते ही सीधे उस पर हाथ न जाए।
- अलार्म घड़ी का उपयोग करें: सुबह जागने के लिए मोबाइल अलार्म के बजाय एक पारंपरिक टेबल क्लॉक (अलार्म घड़ी) का इस्तेमाल शुरू करें।
- शुरुआती 30 मिनट का नियम: सुबह उठने के बाद कम से कम आधे घंटे तक फोन को न छुएं। इस समय का उपयोग स्ट्रेचिंग, योग, ध्यान लगाने या शांत मन से पानी पीने में करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य शैक्षणिक जानकारियों पर आधारित है। इसे किसी भी तरह की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न समझें। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।
