Fuel Price Today: डोनाल्ड ट्रंप के बयान से कच्चे तेल में उबाल, जानें क्या आपके शहर में महंगे हुए पेट्रोल-डीजल?

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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिखने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में करीब 6% का भारी उछाल दर्ज किया गया है। वैश्विक बाजार में मची इस हलचल के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL) ने आज के लिए पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी कर दी हैं। फिलहाल घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

भारत में पिछले काफी समय से तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार पेट्रोल में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद से कीमतें स्थिर हैं।

📊 देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के रेट

भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क अलग-अलग होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें भिन्न होती हैं। आज देश के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम इस प्रकार हैं:

शहरपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)
दिल्ली₹102.12₹95.20
मुंबई₹111.21₹97.83
कोलकाता₹113.51₹99.82
अहमदाबाद₹101.70₹97.84
चेन्नई₹107.77₹99.55
पटना₹113.35₹99.36
पुणे₹111.52₹98.15
लेह₹109.81₹97.92
तिरुवनंतपुरम₹115.49₹104.40

📈 क्रूड ऑयल में अचानक क्यों आया उबाल?

तुर्की के अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मचा दिया। ट्रंप ने ईरान के साथ हाल ही में हुए युद्धविराम को लेकर कहा:

“मेरे नजरिए से यह सीजफायर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। ईरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी के अलावा और कुछ नहीं है।”

इस बयान के आते ही वैश्विक बाजार को यह डर सताने लगा कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसी आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल सूचकांकों में तेज उछाल देखा गया:

  • ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): $4.58 (6.09%) की तेजी के साथ $78.66 प्रति बैरल पर पहुंच गया।
  • WTI क्रूड (U.S. West Texas Intermediate): $4.22 (6%) की बढ़त लेकर $74.65 प्रति बैरल पर बंद हुआ।

🔍 भारतीय उपभोक्ताओं पर क्या होगा इसका असर?

भारत अपनी कुल कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85% हिस्सा आयात (Import) करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और तेल कंपनियों पर पड़ता है।

हाल ही में क्रूड ऑयल की कीमतों में आई गिरावट के बाद आम जनता को पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की जो उम्मीद थी, वह अब धुंधली पड़ती दिख रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक 80 डॉलर प्रति बैरल के पार बना रहता है, तो आने वाले हफ्तों में घरेलू तेल कंपनियों पर आयात लागत का दबाव बढ़ेगा, जिसके चलते भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है।

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