हेडलाइन: मिडिल ईस्ट में भीषण युद्ध: अमेरिका ने ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर की बमबारी, पलटवार में ईरान ने 5 देशों में अमेरिकी अड्डों को बनाया निशाना

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इंट्रो (Intro): पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाते हुए ईरान के भीतर स्थित 140 सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 6 से 11 जुलाई तक किए गए इन हमलों के वीडियो फुटेज भी जारी कर दिए हैं। अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जोरदार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।

हमले की वजह और अमेरिकी रणनीति: अमेरिकी सेना के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में साइप्रस के झंडे वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर किए गए हमले के बाद की गई है। हालिया द्विपक्षीय समझौतों के बाद अमेरिका की तरफ से ईरान पर यह तीसरा सबसे बड़ा हमला है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है, जिनका उपयोग वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए करता है। ताजा हमलों में ईरान के बुशहर स्थित IRGC बेस, बंदर अब्बास, सिरिक और केशम द्वीप पर भारी तबाही और विस्फोटों की खबरें हैं।

ईरान का पलटवार और 5 देशों में हाई अलर्ट: अमेरिकी एयरस्ट्राइक के तुरंत बाद ईरान ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरानी सेना ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण हमले किए।

  • कतर में अलर्ट: कतर के आंतरिक मंत्रालय ने सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए देश में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और नागरिकों को घरों या सुरक्षित स्थानों के भीतर रहने की हिदायत दी है।
  • खाड़ी के अन्य देश भी इस समय अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली (Air Defense Systems) को मजबूत करने और संभावित खतरों से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह बंद, शांति समझौता खतरे में: इस सैन्य टकराव के बाद ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं होतीं, तब तक इस जलमार्ग से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस ताजा हिंसक टकराव के बाद क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए किए गए अंतरिम समझौते पूरी तरह से ध्वस्त होते नजर आ रहे हैं।

दिवंगत नेता की मौत का बदला लेने का संकल्प: तनाव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने एक कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत का बदला लेना जारी रखेंगे, जो इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के दौरान मारे गए थे। मोजतबा खामेनेई का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस हालिया चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान पर और अधिक मिसाइल हमले करने की धमकी दी थी।

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