Diljit Dosanjh Satluj Movie Controversy: मशहूर सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 (ZEE5) पर रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर ही इस फिल्म को भारत में स्ट्रीमिंग से हटा दिया गया है। थिएटर्स के बाद अब ओटीटी पर भी इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगने से दिलजीत दोसांझ के फैंस काफी निराश हैं और सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार बहस चल रही है।
आइए जानते हैं कि आखिर इस बहुचर्चित फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाने के पीछे प्रशासनिक और तकनीकी कारण क्या हैं।
भारत विरोधी तत्वों द्वारा दुरुपयोग की थी आशंका
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फिल्म ‘सतलुज’ को अचानक हटाने का फैसला एक विस्तृत समीक्षा (Review) के बाद लिया गया है। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने चिंता जताई कि फिल्म के कुछ दृश्य और डायलॉग्स बेहद संवेदनशील हैं। आशंका थी कि भारत विरोधी ताकतें या असामाजिक तत्व फिल्म के इन हिस्सों का गलत इस्तेमाल करके देश का माहौल बिगाड़ सकते हैं। इसी सुरक्षा कारणों के मद्देनजर भारत में इसकी स्ट्रीमिंग रोकने का निर्देश दिया गया।
सेंसर बोर्ड (CBFC) से नहीं मिली थी हरी झंडी
यह फिल्म पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और वहां हुए कुछ बेहद संवेदनशील मुद्दों पर आधारित है। मेकर्स इसे सबसे पहले सिनेमाघरों में रिलीज करना चाहते थे, लेकिन सेंसर बोर्ड ने इसके मूल स्वरूप और कंटेंट पर आपत्ति जताते हुए थिएटर रिलीज की मंजूरी नहीं दी थी। सेंसर बोर्ड से रास्ता साफ न होने के बाद ही मेकर्स ने इसे सीधे ओटीटी पर रिलीज करने का फैसला किया था।
क्या हैं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए नियम?
भारत में मौजूदा नियमों के अनुसार, जो कंटेंट सीधे ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाता है, उसे सिनेमाघरों की तरह पहले से किसी सरकारी सर्टिफिकेशन (सेंसर बोर्ड की मंजूरी) की जरूरत नहीं होती। इसके बजाय सभी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स एक ‘सेल्फ-रेगुलेटरी मैकेनिज्म’ (स्वयं नियमन व्यवस्था) के तहत काम करते हैं। लेकिन अगर कोई कंटेंट देश की संप्रभुता या सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील पाया जाता है, तो सरकार इस पर निगरानी और दखल रख सकती है।
जी5 (ZEE5) ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 ने पुष्टि की है कि फिल्म ‘सतलुज’ फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है। हालांकि, प्लेटफॉर्म ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे फिल्म और उसके निर्माताओं के साथ खड़े हैं। वे सभी जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस फिल्म को भारतीय दर्शकों के लिए दोबारा लाइव किया जा सके।
