दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन : गौतमबुद्ध नगर में तय हुआ रूट, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बनेंगे 3 स्टेशन

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नोएडा : दिल्ली से वाराणसी के बीच दौड़ने वाली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ी खबर है। गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) जिले में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का रूट (अलाइनमेंट) लगभग फाइनल हो गया है। इस रूट पर जिले के भीतर कुल 3 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 2 स्टेशन ऊंचे पिलर्स पर (एलिवेटेड) होंगे, जबकि 1 स्टेशन जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) तैयार किया जाएगा।

‘नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (NHSRCL) की टीम ने नोएडा प्राधिकरण के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर इस नए रूट की जानकारी साझा की है। कंपनी ने जमीनी स्तर पर तकनीकी सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है, जिसे अगले एक महीने में पूरा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

कैसा होगा नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बुलेट ट्रेन का रूट?

यह बुलेट ट्रेन दिल्ली के मयूर विहार से उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगी। जिले में बनने वाले तीनों स्टेशनों की रूपरेखा कुछ इस प्रकार है:

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (अंडरग्राउंड स्टेशन): यूनिवर्सिटी से निकलने के बाद बुलेट ट्रेन सीधे जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेगी। जेवर एयरपोर्ट के पास बुलेट ट्रेन का करीब 8,800 मीटर (लगभग 8.8 किमी) का ट्रैक पूरी तरह अंडरग्राउंड होगा और यहाँ बनने वाला स्टेशन भी जमीन के नीचे ही रहेगा। इसके बाद ट्रेन आगरा की तरफ आगे बढ़ जाएगी।

नोएडा सेक्टर-96 (एलिवेटेड स्टेशन): दिल्ली के मयूर विहार से करीब 12 किलोमीटर आगे बढ़ने पर यह इस रूट का पहला स्टेशन होगा। इसे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे, नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्य प्रशासनिक भवन के ठीक सामने बनाया जाएगा। पहले इस स्टेशन को बॉटनिकल गार्डन पर बनाने की योजना थी, लेकिन वहां जगह की कमी के कारण इसे सेक्टर-96 में शिफ्ट किया गया है।

गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के पास (एलिवेटेड स्टेशन): सेक्टर-96 से आगे बढ़ते हुए यह ट्रैक सेक्टर-146 के पास एक्सप्रेसवे को पार करेगा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी की जमीन पर दाखिल होगा। यहाँ गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी (GBU) के पास दूसरा स्टेशन बनाया जाएगा।

भौगोलिक (Geographical) सर्वे का काम शुरू

बुलेट ट्रेन के निर्माण में रुकावट बनने वाली जमीनी उपयोगिताओं (यूटिलिटीज) को हटाने के लिए डिजिटल मैप के जरिए सर्वे शुरू कर दिया गया है।

इन सभी लाइनों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा, जिसका पूरा खर्च बुलेट ट्रेन बनाने वाली कंपनी खुद उठाएगी।

मेट्रो और नमो भारत ट्रेन से भी मिलेगी कनेक्टिविटी

  • मयूर विहार हब: दिल्ली के मयूर विहार में ब्लू लाइन मेट्रो और नमो भारत (RRTS) स्टेशन के बीच यमुना की तरफ बुलेट ट्रेन का पहला स्टेशन तैयार होगा, जिसके लिए करीब 100 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है।
  • एक्वा लाइन से दूरी: बुलेट ट्रेन का यह ट्रैक बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 के बीच बनने वाली एक्वा मेट्रो लिंक लाइन के बिल्कुल करीब से गुजरेगा। नोएडा प्राधिकरण ने सुरक्षा के लिहाज से दोनों ट्रैकों के बीच पर्याप्त दूरी रखने का सुझाव दिया है।

“नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड को बुलेट ट्रेन के अलाइनमेंट के हिसाब से जमीनों की उपलब्धता और लैंड यूज़ की पूरी जानकारी दे दी गई है। साथ ही, आगामी एक्वा मेट्रो लिंक लाइन के रूट को ध्यान में रखते हुए बुलेट ट्रेन ट्रैक के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने का आग्रह किया गया है।”

अशोक कुमार अरोड़ा, महाप्रबंधक (सिविल), नोएडा प्राधिकरण

निष्कर्ष: दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना का रूट साफ होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी का एक बेहद हाई-टेक ढांचा तैयार होगा। आने वाले समय में यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास और यात्रियों के सफर को बेहद आसान बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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