मुख्य बातें (Highlights):
- मेट्रो में बिना इयरफोन के तेज आवाज में गाने सुनना, रील्स चलाना या स्पीकर पर बात करना अब दंडनीय अपराध है।
- नियमों का उल्लंघन करने पर यात्रियों पर ₹2,500 तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
- केंद्रीय मंत्रालय ने जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत जुर्माने की राशि को 5 गुना बढ़ा दिया है।
- चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) ने यात्रियों से सफर के दौरान हेडफोन या इयरफोन का इस्तेमाल करने की अपील की है।
मेट्रो में शोर मचाया तो खाली हो जाएगी जेब
यदि आप भी मेट्रो में सफर के दौरान मोबाइल पर स्पीकर ऑन करके रील्स देखते हैं, गाने सुनते हैं या फोन पर तेज आवाज में बात करते हैं, तो अपनी यह आदत तुरंत सुधार लीजिए। चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) सहित विभिन्न मेट्रो प्रशासनों ने यात्रियों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, ट्रेन या स्टेशन परिसर के भीतर ऐसी कोई भी गतिविधि जिससे सह-यात्रियों को परेशानी हो, उस पर ₹2,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
मेट्रो प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य मेट्रो के शांत वातावरण को बनाए रखना और सभी यात्रियों के लिए सफर को आरामदायक व बाधारहित बनाना है।
500 रुपये से बढ़कर ₹2,500 हुआ जुर्माना
केंद्र सरकार ने इस संबंध में नियमों को और अधिक कड़ा कर दिया है:
- नया कानून: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ‘जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026’ के तहत मेट्रो रेलवे एक्ट, 2002 की धारा 59 में बदलाव किया गया है।
- जुर्माने में बढ़ोतरी: पहले इस तरह की असुविधा पैदा करने पर अधिकतम ₹500 का जुर्माना था, जिसे अब 5 गुना बढ़ाकर ₹2,500 कर दिया गया है।
- कड़ी कार्रवाई: नियमों की अनदेखी करने पर मेट्रो के अधिकृत सुरक्षा अधिकारी न केवल जुर्माना वसूल सकते हैं, बल्कि संबंधित यात्री को अगले स्टेशन पर ट्रेन से बाहर भी कर सकते हैं।
मेट्रो परिसर में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
सफर के दौरान किसी भी कानूनी कार्रवाई या जुर्माने से बचने के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करें:
- हेडफोन का प्रयोग: मोबाइल पर किसी भी प्रकार का वीडियो, गाना या रील्स देखते समय हमेशा ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करें।
- धीमी आवाज में बात: कॉल पर बात करते समय अपनी आवाज को धीमा रखें ताकि आस-पास के यात्रियों को परेशानी न हो।
- गेट के पास न खड़े हों: कोच के प्रवेश द्वार के सामने खड़े होकर रास्ता न रोकें। ट्रेन में चढ़ने से पहले उतरने वाले यात्रियों को जगह दें।
- पीली पट्टी का ध्यान रखें: प्लेटफॉर्म पर हमेशा सुरक्षा के लिए बनाई गई पीली लाइन के पीछे ही खड़े रहें।
- एस्केलेटर का नियम: एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियों) का उपयोग करते समय ‘बाईं ओर खड़े रहें और दाईं ओर से रास्ता दें’ (Stand Left, Walk Right) के नियम का पालन करें।
प्रशासन की अपील
चेन्नई मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, इस जुर्माने का उद्देश्य यात्रियों को परेशान करना नहीं बल्कि यात्रा के बुनियादी शिष्टाचार (Metro Decorum) को बढ़ावा देना है। मेट्रो एक सार्वजनिक परिवहन सेवा है, जहाँ हर रोज लाखों लोग सफर करते हैं। ऐसे में सह-यात्रियों की शांति और निजता का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी ह
