पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार के विकास को नई रफ्तार देने के लिए कई दूरगामी फैसले लिए गए हैं। सरकार ने स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और शहरी नियोजन से जुड़े कुल 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर अपनी मुहर लगा दी है। इस बैठक में एम्स पटना के विस्तार से लेकर राज्य में चार नए रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर बनाने तक के लिए भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट सचिवालय के सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रेस वार्ता के दौरान इन अहम निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।
📌 कैबिनेट बैठक के मुख्य निर्णय (एक नजर में)
1. एम्स पटना का होगा भव्य विस्तार
बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए सरकार ने पटना एम्स (AIIMS) के विस्तारीकरण परियोजना को हरी झंडी दे दी है।
- बजट: ₹348.89 करोड़ (3,48,89,98,270 रुपये) की वित्तीय स्वीकृति।
- योजना: दानापुर के भुसौला इलाके में 26.76 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
- लाभ: जमीन मिलने के बाद अस्पताल परिसर बड़ा होगा, जिससे मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
2. राज्य में दौड़ेंगी रैपिड ट्रेनें: 4 नए ट्रांजिट कॉरिडोर
बिहार के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार ने चार रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर की नींव रख दी है। इसके लिए प्रारंभिक रिपोर्ट (AAR) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु ₹31.59 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इस काम की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) को सौंपी गई है।
प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर:
- पटना – गया कॉरिडोर
- पटना – भागलपुर कॉरिडोर
- पटना – सोनपुर – मुजफ्फरपुर कॉरिडोर
- पटना – आरा कॉरिडोर
3. विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था
भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के जीर्णोद्धार और वहां यातायात को सुचारू रखने के लिए एक अस्थाई बेली ब्रिज के निर्माण का फैसला लिया गया है। इस पूरी परियोजना के लिए ₹126.25 करोड़ (126 करोड़ 25 लाख 55 हजार रुपये) का बजट आवंटित किया गया है।
4. युवाओं के लिए स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार
बेरोजगार युवाओं को संबल देने वाली ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए ₹300 करोड़ के फंड को मंजूरी दी गई है।
5. मोतीपुर चीनी मिल की जमीन पर लगेंगे नए उद्योग
मुजफ्फरपुर स्थित मोतीपुर चीनी मिल की 266 एकड़ लीज पर दी गई भूमि को सरकार वापस अपने नियंत्रण में लेगी। इसके एवज में मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) को ब्याज सहित ₹63.39 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। इस जमीन का उपयोग भविष्य में आधुनिक चीनी मिल, गन्ना अनुसंधान संस्थान और अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए होगा।
6. सैटेलाइट टाउनशिप और शहरीकरण को बढ़ावा
पटना, हरिहरनाथ (सोनपुर), गया और मुजफ्फरपुर में शहरी आबादी के दबाव को कम करने के लिए पाटलिपुत्र और तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के मुख्य क्षेत्रों (Core Areas) का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके तहत टाउन प्लानिंग स्कीम के माध्यम से अतिरिक्त जमीन के अधिग्रहण और खरीद को मंजूरी दी गई है।
7. तकनीकी शिक्षा में सुधार: 76 नए प्राध्यापकों की बहाली
राज्य के 10 पॉलिटेक्निक संस्थानों में एमटेक (PG) स्तर के पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए शैक्षणिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। कैबिनेट ने इसके लिए 76 नए प्राध्यापकों (Professors) के पदों के सृजन को मंजूरी दी है।
