इंट्रो (Intro): पश्चिम एशिया (Mid-East) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रणनीतिक मार्ग पर बढ़ते खतरों के बीच एक बड़ा वैश्विक ऊर्जा घटनाक्रम सामने आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका, इराक और सीरिया मिलकर एक दशक पुरानी तेल पाइपलाइन को पुनर्जीवित करने की तैयारी में हैं। अगले सप्ताह इस मेगा प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है, जिसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल आपूर्ति के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता को कम करना और एक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार करना है।
पीएम के अमेरिकी दौरे पर हो सकती है बड़ी घोषणा: राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जायदी अगले सप्ताह अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस में उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी। माना जा रहा है कि इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान ही सीरिया, इराक और अमेरिका के बीच इस त्रिपक्षीय ऊर्जा समझौते पर अंतिम मुहर लगेगी। अपने इस दौरे में इराकी प्रधानमंत्री अमेरिका के प्रमुख ऊर्जा केंद्र ‘टेक्सास’ का भी दौरा करेंगे।
क्या है किर्कुक-बनियास पाइपलाइन परियोजना? इस नए रणनीतिक कदम के केंद्र में ‘किर्कुक-बनियास पाइपलाइन’ (Kirkuk-Baniyas Pipeline) है। यह पाइपलाइन इराक के उत्तरी शहर किर्कुक से शुरू होकर सीरिया के भूमध्यसागरीय (Mediterranean Sea) बंदरगाह बनियास तक जाती है, जिसकी कुल लंबाई करीब 800 किलोमीटर है। इस पाइपलाइन के दोबारा चालू होने से इराक को खाड़ी के विवादित जलमार्गों से गुजरे बिना, सीधे भूमध्यसागर के रास्ते वैश्विक बाजारों में अपना कच्चा तेल निर्यात करने का सीधा और सुरक्षित मार्ग मिल जाएगा।
अमेरिका की रणनीतिक मध्यस्थता: इस महत्वपूर्ण समझौते के लिए बैकचैनल बातचीत का नेतृत्व तुर्किये में अमेरिकी राजदूत और सीरिया-इराक मामलों के विशेष दूत टॉम बैरक कर रहे हैं। वाशिंगटन इस परियोजना को मध्य-पूर्व में क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने और क्षेत्र में अपनी रणनीतिक व भू-राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के एक बड़े अवसर के रूप में देख रहा है।
पाइपलाइन का ऐतिहासिक इतिहास:
- निर्माण: इस पाइपलाइन का निर्माण वर्ष 1952 में इराक पेट्रोलियम कंपनी द्वारा किया गया था, जिसकी क्षमता लगभग 3 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल परिवहन की थी।
- बंद होने का कारण: 1980 के दशक में हुए ईरान-इराक युद्ध के दौरान सीरिया ने ईरान का समर्थन किया, जिसके विरोध में इराक ने इस पाइपलाइन से सप्लाई बंद कर दी।
- वर्तमान स्थिति: साल 2003 में इराक युद्ध के दौरान हवाई हमलों और संघर्ष में यह पाइपलाइन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद से यह पूरी तरह निष्क्रिय पड़ी है। अब इसे आधुनिक तकनीकों के साथ दोबारा बहाल करने की योजना है।