नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के चरम पर पहुंचने की घोषणा की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure System) सक्रिय है। इसके प्रभाव से अगले सात दिनों तक पहाड़ों से लेकर मैदानी और तटीय इलाकों तक मौसम बेहद आक्रामक रहने वाला है।
मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslides), अचानक बाढ़ (Flash Floods) और शहरों में जलभराव (Waterlogging) की गंभीर चेतावनी जारी की है। इस दौरान देश के कई राज्यों में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
🚦 प्रमुख वेदर अलर्ट और सुरक्षा गाइडलाइन
- पर्यटकों को सलाह: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा से बचें।
- मछुआरों के लिए चेतावनी: पश्चिमी तट (महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा) और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में समुद्र उफान पर रहेगा, इसलिए समंदर में न जाएं।
- किसानों के लिए निर्देश: खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें और बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें।
🗺️ राज्यवार मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान
1. दिल्ली-NCR: भारी बारिश और 80 KM की आंधी
देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। लगातार हो रही बारिश के बीच IMD ने तेज गरज-चमक के साथ 70 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पेड़ गिरने, बिजली गुल होने और निचले इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम 27°C रहने की उम्मीद है।
2. उत्तर प्रदेश और बिहार: 90 KM/H की रफ्तार से चलेगी आंधी
- उत्तर प्रदेश: यूपी इस समय मानसून के सबसे सक्रिय जोन में है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा, अयोध्या और प्रयागराज सहित कई जिलों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
- बिहार: राज्य में आगामी तीन दिनों (9 से 11 जुलाई) तक मानसून का भारी असर दिखेगा। पटना, मुजफ्फरनगर, भागलपुर, सारण और दरभंगा सहित कई जिलों में 60 से 70 किमी/घंटे की हवाओं के साथ भारी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
3. पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर)
- उत्तराखंड: 12 जुलाई तक स्थिति बेहद संवेदनशील है। देहरादून, नैनीताल और ऋषिकेश समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे पिथौरागढ़ सहित कई पहाड़ी मार्ग बंद हो चुके हैं।
- हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुल्लू और मनाली जैसे क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़कें ठप होने का खतरा है।
- जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ यात्रा मार्ग सहित ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Floods) को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
4. महाराष्ट्र और मुंबई: 15 जुलाई तक राहत नहीं
मुंबई, पुणे, कोंकण, पालघर और रायगढ़ में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मुंबई और उसके उपनगरों में 15 जुलाई तक लगातार भारी बारिश की संभावना है, जिससे लोकल ट्रेन सेवाओं और सामान्य यातायात पर असर पड़ सकता है।
5. मध्य प्रदेश और राजस्थान में लो-प्रेशर का असर
- मध्य प्रदेश: गुना, ग्वालियर, रीवा, मुरैना और भोपाल में कम दबाव के क्षेत्र के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं।
- राजस्थान: जयपुर, कोटा, बीकानेर और जैसलमेर जैसे रेतीले और मैदानी इलाकों में 75 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ तेज बारिश का दौर फिर से शुरू होने वाला है।
6. झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत
- झारखंड और बंगाल: रांची, धनबाद, कोलकाता और जलपाईगुड़ी में अगले 48 घंटों तक आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) और मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी है।
- पूर्वोत्तर: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
| क्षेत्र / राज्य | हवा की संभावित गति | मुख्य खतरा |
| उत्तर प्रदेश | 80 – 90 KM/H | आंधी, बिजली गिरना और जलभराव |
| दिल्ली-NCR | 70 – 80 KM/H | पेड़ गिरना, ट्रैफिक जाम |
| उत्तराखंड और हिमाचल | 60 – 70 KM/H | भूस्खलन (Landslides), सड़कें बंद होना |
| बिहार और राजस्थान | 60 – 75 KM/H | नदियों का बढ़ता जलस्तर, तेज आंधी |
| मुंबई और कोंकण | तटीय हवाएं | समुद्र में हाई टाइड, भारी जलभराव |
